रूक जाना नहीं..!

स्थिरता में कठिनाई बहुत है, बहने में आसानी है रूकना अच्छी बात नहीं है, पल भर की नादानी है बहती नदियां, हवा भी बहती धरती कहाँ कब रूकती है? आकाश भी देखों स्थिर कहाँ है? अग्नि धधकती रहती है इन तत्वों का घोल परंतु, रूकने पर आमादा है, थोड़ा थोड़ा बेवकूफ़ है, ज़िद्दी थोड़ा ज्यादा … Continue reading रूक जाना नहीं..!

हिम्मत करों…तुम बोल दो..!

जब बोलना बहुत मुश्किल लगे, और चुप रहना नामुमकिन हो, बस ज़रा हिम्मत करो...तुम बोल दो..! बोल दो कि बोलने से जख़्मी होगा बस लहजा तुम्हारा, बस ये कि तुम्हारी आवाज़ में खराशे उभर आएंगी, मगर जो तुम चुप रहे... ये दिल भर जाएगा..आँखे भर आएंगी... छलनी हो जाएगा सीना...आत्मा तड़प जाएगी..! बोल दो...बस ज़रा … Continue reading हिम्मत करों…तुम बोल दो..!

दुनिया है..बदलती जाती है!

चेहरा चेहरा तस्वीर बदलती जाती है... दुनिया बदस्तूर बदलती जाती है..! रफ्ता रफ्ता जड़ें जमाता है दिल में, दर्द की फ़िर तासीर बदलती जाती है..! ख़्वाब मिलते है गले जब हक़ीक़त से, ख़्वाबों की फ़िर ताबीर बदलती जाती है..! कभी इसके कभी उसके ख़्यालों पर कब्जा.. हर रोज़ मेरी जागीर बदलती जाती है.. तेरा ताज … Continue reading दुनिया है..बदलती जाती है!

कितनी ही बाते थी जो हवा हो गयी..!

आवाज़ों के पहाड़ों से... ख़ामोशी की खाई तक उतरते-उतरते... कितनी ही बाते थी जो हवा हो गयी..! वो बातें जिन्हे मुकम्मल होना चाहिए था, उनका अधूरा रह जाना ऐसा था जैसे समय के घाट पर लोगों की भीड़ में तेरा खो जाना..! मुसाफ़िर मुसाफ़त में भटक जाए तो अच्छा नहीं होता! ये इतनी सब बाते … Continue reading कितनी ही बाते थी जो हवा हो गयी..!

तुम्हें कब पड़ी है?

तुम्हें कब पड़ी है? जो तुम जान सको.. दर्द का होना क्या है? बात-बेबात का रोना क्या है? साँस की ज़ुबां क्या है? आँख की फ़ुगां क्या है? फूल का खिलना क्या है? किसी से किसी का मिलना क्या है? ख़्वाब की कीमत क्या है? ज़ेब की हक़ीकत क्या है? तुम्हें कब पड़ी है.. तुम्हें … Continue reading तुम्हें कब पड़ी है?

देखता हूँ..✍🏻

देखता हूँ हक़ीकत कि ख़्वाब देखता हूँ? टूटी टहनी पर खिला गुलाब देखता हूँ..! वो ख़्वाब जिनको देखा नहीं अब तक मैंने वो उन्हीं ख़्वाबों को देखे ये ख़्वाब देखता हूँ... ये दिल्लगी आवारा न बना दे मुझको.. ज़रा फ़ुर्सत से इश़्क का निसाब देखता हूँ.. लम्हे घटते हैं मगर यादें बढ़ी जातीं हैं वक़्त … Continue reading देखता हूँ..✍🏻